शनिवार, 19 फ़रवरी 2011

अब समझ मै आया आर सी ऍम बिज़नस

अब समझ मै आया आर सी ऍम बिज़नस
              दोस्त ये मै कोई कहानी नही बल्कि हकीकत बयाँ कर रहा हूँ
जरा गौर करना कि आर सी ऍम बिज़नस क्या है?
   मैने जाना आर सी ऍम बिज़नस व्यापार नही है क्यों कि
         जम्मू  कश्मीर में हिमालय कि चोटी पर बैठ कर व्यापार नही होता
में 7 जुलाई से 11 जुलाई तक वहां था
  क्रषि प्रधान प्रदेश पंजाब रात के 10 बजे किसी के ड्राइंग रूम में
बिज़नस नही किया जाता मगर में 5-6 जुलाई को जालंदर ,कपूरथला व पठानकोट
में मै ये काम कर रहा था
 मैने 3,4 व 12 जुलाई को इण्डिया गेट पर अमर जवान ज्योति  को सलाम किया
तथा कोमन वेल्थ गेम्स कि तैयारी मे देश की राजधानी दिल्ली को सजते
देखा!
    13,14व 15 को माधव राव सिंधिया के नगर ग्वालियर ,झाँसी कि रानी का
किला झाँसी मे, झीलों कि नगरी भोपाल तथा साँची स्तूप व खजुराहो का विश्व
विख्यात मंदिर देखते हुए आगे बढ़ा
 17-18 जुलाई को नवाबों कि नगरी हैदराबाद कि तंग गलियों तथा हाई टेक
सिटी एवं साइबर सिटी के माध्यम से दुनिया को बदलते देखा
  19 जुलाई को दुनिया के सबसे अमीर मंदिर (श्री बालाजी)  तिरुपति के
दर्शन करते हुए 20 जुलाई को श्री राजीव गाँधी के अंतिम उधोगिक शहर
कोयम्बतूर मे अपना पड़ाव पूरा करते हुए 22-25 जुलाई क्षत्रियों के सबसे
बड़े गुरु श्री परशुराम के द्वारा बनाई गयी धरती केरल मे
त्रिशुर,एर्नाकुलम,अल्पुजा और तिरुवंतपुरम का आनंद ले रहा था
 जबकि 26-27 जुलाई को लंड्स एंड (धरती समाप्त)   तमिलनाडु स्टेट के
कन्याकुमारी सिटी के समुंदर बिच पर अठखेलिया करते समुंदर मे नहाते हुए मै
सोच रहा था कि क्या मै कोई  व्यापार कर रहा हूँ ?
तब मुझे पता चला नही मै आर सी ऍम बिज़नस कर रहा हूँ जिसका मतलब है
R    रोज
C    करो
M   मोज
 दोस्त इसलिए आर सी ऍम बिज़नस व्यापार नही है जिन्दगी जीने का एक नया
अंदाज़ है
   एक बार अपने जेहन मे बिठा लेना की ये व्यापार नही है ये एक संपूरण
जिन्दगी है फिर आपको आपकी जिन्दगी बनाने से कोई भी नही रोक पायेगा
       धन्यवाद
           एक बार जोर से बोलो जय आर सी ऍम
इंडियन आर्मी का एक जवान
हिंदुस्तान कि आर्थिक आज़ादी का एक सिपाही
आर सी ऍम का एन सेवक
चहल